उन्नत भारत अभियान (UBA)
विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (VNIT), नागपुर
सामाजिक इंटर्नशिप रिपोर्ट – 2026
26 विद्यार्थियों का ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रीय अनुभव
1. परिचय
उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत 26 विद्यार्थियों ने विभिन्न ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में 5 से 10 दिनों की सामाजिक इंटर्नशिप पूरी की। विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश के झाबुआ तथा महाराष्ट्र के चंद्रपुर और गडचिरोली क्षेत्रों में भेजा गया।
अलग-अलग समूहों ने शिवगंगा फाउंडेशन, जनजाति विकास समिति, निरामय बहुउद्देशीय सेवा संस्था तथा रोल फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के साथ कार्य किया। विद्यार्थियों का उद्देश्य ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के वास्तविक जीवन, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, पर्यावरण तथा स्थानीय विकास की चुनौतियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
2.प्रमुख गतिविधियाँ
झाबुआ में विद्यार्थियों ने आदिवासी परिवारों के साथ रहकर उनके दैनिक जीवन, खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, स्वच्छता और स्थानीय संस्कृति को समझा। उन्होंने भील समुदाय की हलमा परंपरा का अध्ययन किया, जिसमें सामूहिक श्रम के माध्यम से जल संरक्षण और सामुदायिक विकास किया जाता है। हाथीपावा तथा अन्य क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल-स्रोत संबंधी गतिविधियों का अध्ययन तथा प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
चंद्रपुर–गडचिरोली में विद्यार्थियों ने आदिवासी युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का अध्ययन किया। परिवार सर्वेक्षण, युवाओं से संवाद तथा शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों का सर्वेक्षण कर कौशल की आवश्यकताओं और उपलब्ध प्रशिक्षण के बीच के अंतर को समझने का प्रयास किया गया। पुस्तकालय, अस्पताल तथा अन्य विकास परियोजनाओं का भी अवलोकन किया गया।
निरामय संस्था के साथ विद्यार्थियों ने ग्राम सर्वेक्षण, किसानों से संवाद, कृषि गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का अध्ययन किया। पशु चिकित्सालय का दौरा किया तथा पशुधन स्वास्थ्य, टीकाकरण जागरूकता और टीकाकरण शिविर में भाग लिया। खेती, केंचुआ खाद, बहुस्तरीय खेती, बाँस की खेती और पशुपालन जैसी गतिविधियों को समझा।
रोल फाउंडेशन के साथ विद्यार्थियों ने संस्था के कार्य को समझने के साथ अपनी तकनीकी क्षमताओं का उपयोग किया। संस्था के लिए वेबसाइट निर्माण, फोटोग्राफी और जागरूकता सामग्री तैयार की गई। नक्षत्र वन के संबंध में जागरूकता वीडियो भी तैयार किया गया। विद्यार्थियों ने संस्था के संस्थापक से संवाद कर आदिवासी विकास, सामुदायिक सहभागिता और जमीनी स्तर के कार्य को समझा।
गडचिरोली के अन्य समूहों ने अहेरी, टोडसा, पेठा और आसपास के गाँवों में रहकर ग्रामीण जीवन का अध्ययन किया। उन्होंने स्थानीय स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, किसानों से बातचीत, सिंचाई तथा स्थानीय सामुदायिक गतिविधियों को समझा। कुछ समूहों ने औषधीय पौधों की खेती, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, पशु चिकित्सा सुविधाओं तथा सामुदायिक संस्थाओं का भी दौरा किया।
3.प्रमुख सामाजिक एवं विकास संबंधी अवलोकन
इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों ने पाया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कृषि आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी, कृषि संबंधी जानकारी, सरकारी योजनाओं तक पहुँच तथा रोजगार के अवसर प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
गडचिरोली में खनन क्षेत्र का स्थानीय जीवन और पर्यावरण पर प्रभाव देखा गया। साथ ही महिलाओं के समूहों और सामुदायिक पहलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को समझा गया।
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों ने देखा कि ग्रामीण युवाओं में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार आधारित कौशल के प्रति रुचि है, लेकिन संसाधनों और अवसरों की उपलब्धता अभी भी एक चुनौती है।
4.विद्यार्थियों की सीख
इस इंटर्नशिप ने विद्यार्थियों को कक्षा में होने वाली पढ़ाई से बाहर निकलकर वास्तविक सामाजिक परिस्थितियों को समझने का अवसर दिया।
विद्यार्थियों में संवाद, सामुदायिक सहभागिता, टीम भावना, नेतृत्व, सर्वेक्षण एवं जानकारी संकलन, समस्या समाधान, दस्तावेजीकरण और प्रस्तुतीकरण जैसे कौशल विकसित हुए।
ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हुई।
आरओएलई फाउंडेशन के साथ कार्य करते हुए विद्यार्थियों को वेबसाइट निर्माण, फोटोग्राफी और जागरूकता सामग्री तैयार करने जैसे तकनीकी कार्यों का अनुभव मिला। इससे विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिली कि उनका तकनीकी ज्ञान ग्रामीण विकास और सामाजिक संस्थाओं के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
5.समग्र निष्कर्ष
उन्नत भारत अभियान सामाजिक इंटर्नशिप 2026 विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं सामुदायिक अनुभव रहा।
26 विद्यार्थियों ने विभिन्न ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में रहकर स्थानीय लोगों के साथ संवाद किया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, पर्यावरण और विकास की वास्तविक परिस्थितियों को समझा।
इंटर्नशिप ने यह समझने में सहायता की कि ग्रामीण विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल विकास, किसानों के साथ सहभागिता, आजीविका के अवसर और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से भी मजबूत किया जा सकता है।
हलमा जैसी सामुदायिक परंपराएँ, पशुधन स्वास्थ्य गतिविधियाँ, महिला सशक्तिकरण, विद्यालय आधारित गतिविधियाँ, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संस्थाओं के जमीनी स्तर के कार्य ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण व्यवहारिक अनुभव प्रदान किया।
इस प्रकार सामाजिक इंटर्नशिप ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान को जमीनी अनुभव से जोड़ा और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व, टीम भावना तथा समुदाय के प्रति संवेदनशीलता को मजबूत किया।
यह अनुभव भविष्य में विद्यार्थियों को अधिक जिम्मेदार, जागरूक और समाजोपयोगी नागरिक बनने में सहायक होगा।
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